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कचरा प्रबंधन

कचरे के प्रति व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी

पिछले कुछ सालों में देश में कूड़ा प्रबंधन की रणनीति में तेजी से बदलाव हुआ है, लेकिन अब लोगों को अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा

स्वच्छ भारत मिशन

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020: इंदौर कैसे बन गया भारत का सबसे साफ शहर

देश में लगातार चार  बार सबसे साफ शहर का दर्जा पाने वाले इंदौर शहर में आखिर ऐसा क्या हो रहा है कि इसे स्वच्छता ...

स्वच्छ भारत मिशन

क्लीन सिटी-2: क्यों है भोपाल देश की सबसे साफ राजधानी?

स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल दो बार दूसरा सबसे साफ शहर रह चुका है, हालांकि वर्ष 2019 में इसकी रैंकिंग फिसलकर 19 रह गई। यह ...

स्वच्छ भारत मिशन

मोदी सरकार ने बनाई गांवों को संपूर्ण स्वच्छ बनाने के लिए 10 साल की रणनीति

सरकार का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य लगभग हासिल हो चुका है, अब ग्रामीण क्षेत्र को संपूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य रखा ...

स्वच्छ भारत मिशन

स्वच्छ भारत मिशन: भ्रम है ओडीएफ भारत का दावा, मैला ढोने को विवश हो सकते हैं लोग  

देश को 2015 में बताया में गया था कि अनुमानित 62 हजार एमएलडी सीवेज पैदा होता है जिसमें से महज 18 हजार एमएलडी सीवेज ...

जब 2.85 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों और 38 हजार स्कूलों में नहीं है शौचालय तो कैसे खुले में शौच मुक्त हुआ भारत!

एक तरफ जहां देश कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है वहीं बड़े दुःख की बात है कि अभी भी 285,103 स्कूलों में हाथ धोने की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है

खास रिपोर्ट: आगरा के पेठे का एक सच, जिसकी ओर किसी का ध्यान नहीं

उचित प्रबंधन के अभाव में आगरा के पेठा से निकलने वाला जैविक कचरा गंदगी और अव्यवस्था का पर्याय बन चुका है। इस कचरे का आसान समाधान मौजूद है जिस पर किसी का ध्यान ही नहीं है

कैसे जीतेंगें कोरोना से जंग: 10 में से 3 लोगों के पास घर पर नहीं है हाथ धोने की पर्याप्त सुविधा

अनुमान है कि हाथों की स्वच्छता पर यदि प्रति व्यक्ति हर वर्ष एक डॉलर का निवेश किया जाता है तो उससे लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है

इस साल पैदा हो सकता है 5.7 करोड़ टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा, चीन की विशाल दीवार से भी ज्यादा है भारी

दुःख की बात है कि दुनिया में ज्यादातर ई-वेस्ट को ऐसे ही डंप कर दिया जाता है जो पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा है 

वैज्ञानिकों ने खोजी नई विधि, कुछ पलों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे से प्राप्त हो जाएंगी कीमती धातुएं

पर्यावरण के दृष्टिकोण से साफ-सुथरी यह तकनीक, पारम्परिक विधि की तुलना में 500  गुना कम ऊर्जा की खपत करती है

डेयरी उद्योग से निकलने वाले वसा युक्त कचरे से होगा बायोगैस का उत्पादन

यह तकनीक किसी भी प्रकार के खाद्य उद्योग और उसके अपशिष्ट जल से निकलने वाले जैविक रूप से नष्ट होने योग्य ठोस अपशिष्ट और खाद्य अपशिष्ट के लिए उपयोगी है।

देश को कूड़ामुक्त बनाने का अभियान शुरू करेंगे मोदी

शहरी भारत रोजाना करीब 0.15 टन मिलियन ठोस कचरा पैदा करता है, जिसमें से केवल 68 फीसद नष्ट करने के लिए इकट्ठा किया जाता है