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न दीवाली न पराली फिर भी उत्तर भारत में जारी है गंभीर वायु प्रदूषण

5 दिसंबर, 2019 को सांसदों ने यह तय किया है कि स्वच्छ हवा के लिए विभिन्न पार्टियों के सांसद मिलकर एक समूह बनाएंगे। जब यह बैठक हुई उस दिन दिल्ली का एक्यूआई 382 यानी बहुत खराब था।

स्लम बस्तियों के प्रदूषण से बदल रहा है मौसम का पैटर्न, भारत पर भी असर

एक इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सहित एशिया की कई स्लम बस्तियों से होने वाले प्रदूषण के चलते वहां मौसम के पैटर्न में बदलाव आ रहा है

 

स्मॉग से जूझता पटना, नहीं लागू हुई आपात कार्ययोजना : सीड

सीपीसीबी के एक्यूआई से पता चलता है कि पटना में नवंबर महीने में 7 दिन गंभीर, 16 दिन बहुत खराब और 7 दिन खराब श्रेणी में वायु गुणवत्ता रही है। 

पीएम1 के बारे में जानते हैं आप, पीएम 2.5 से भी ज्यादा होता है जहरीला!

हवा में बढ़ते प्रदूषकों की सूची में पीएम1 नामक एक बेहद खतरनाक कण भी शामिल है जिसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं है। यह जानना बहुत जरूरी है कि यह कण कहां से आता है और यह स्वास्थ्य को किस हद तक प्रभावित कर सकता है

वायु प्रदूषण से बढ़ रहे हैं ग्लूकोमा के मामले: अध्ययन

ग्रामीणों की तुलना में शहरी लोगों में ग्लूकोमा के खतरे 50 फीसदी अधिक होते हैं। जहां पीएम2.5 का स्तर अधिक था, वहां ग्लूकोमा के मामले सामान्य से 6 फीसदी अधिक देखने को मिले

बिहार में पांच गुना बढ़ गए सांस के मरीज, छोटे जिलों में ज्यादा असर

बिहार में 2009 में सांस रोगियों की संख्या लगभग 2 लाख थी, जो 2018 में 11 लाख से ऊपर पहुंच गई है, जिसका कारण बढ़ता प्रदूषण बताया जा रहा है और इसे कम करने के लिए कोई ठोस प्रयास भी नहीं हो रहे

तीन मिनट, एक मौत : संसद में भी उठा मामला

सदन में हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की मांग उठी। संसद सदस्य वंदना च्वहाण ने कहा कि पूरे देश में पुणे की तर्ज पर कार्बन इंवेटरी बननी चाहिए।

स्मॉग से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने बनाया नया स्प्रेयर  

चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संस्थान (सीएसआईओ) के वैज्ञानिकों ने एक वाटर स्प्रेयर विकसित किया है, जो स्मॉग को कम करने में कारगर हो सकता है।