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लॉकडाउन का नतीजा है टिड्डी दल का हमला

हरियाली के दुश्मन टिड्डी दल उत्तर भारत के कई राज्यों में फैल चुके हैं

By Bhagirath Srivas

On: Tuesday 26 May 2020
 

फोटो:  खाद्य एवं कृषि संगठनमध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में हरियाली के दुश्मन टिड्डी दल का हमला क्या कोरोनावायरस के कारण हुए लॉकडाउन का नतीजा है?

खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) का मानना है कि लॉकडाउन ने टिड्डी दल को फैलने में बड़ी मदद की है। अप्रैल के मध्य में भारत, पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में एफएओ के अधिकारियों ने कोरोनावायरस के कारण हुए लॉकडाउन के असर पर चर्चा की थी। बैठक में एक चिंताजनक तथ्य यह पता चला था कि लॉकडाउन के कारण ईरान ने टिड्डी दलों को मारने के लिए केमिकल का छिड़काव रोक दिया है।  

इस बैठक में एफएओ के अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि टिड्डी दलों के रोकथाम के अभाव में इनका लगातार प्रजनन होगा और हालात बेकाबू हो जाएंगे। उन्होंने चेताया था कि ये टिड्डी दल भारत के नए भौगौलिक क्षेत्रों और पड़ोसी देशों का रुख करेंगे। 

गौरतलब है कि अप्रैल के मध्य में ही कोरोनावायरस का प्रकोप चरम पर था। ईरान इस महामारी का एपिसेंटर बना हुआ है। 22 अप्रैल को ईरान के सरकारी टीवी ने स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता किनौस जहानपौर के हवाले से बताया था कि कोविड-19 से 91 और लोग मारे गए हैं। इसी के साथ देश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 5,209 हो गई है और अब 83,500 मामले सामने आ चुके हैं। ईरान की संसद का मानना है कि ईरान में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से दोगुनी है क्योंकि बहुत से मामले रिपोर्ट नहीं हुए हैं। ईरान ने मार्च और अप्रैल में लॉकडाउन का हवाला देकर टिड्डी दलों को नियंत्रित करने के तमाम उपायों को रोक दिया। ईरान की पूरी सरकारी मशीनरी कोरोनावायरस से लड़ाई में जुट गई और टिड्डी दलों पर ध्यान नहीं दिया गया।

अप्रैल के मध्य में एफएओ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बैठक में चेतावनी दी गई थी कि टिड्डी दलों को नियंत्रित करने के उपायों में ढील से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी क्योंकि ऐसी स्थिति में टिड्डी दल प्रजनन करके अपना गुणात्मक विस्तार करेंगे। एफएओ ने चेतावनी दी है कि अगर टिड्डी दल को नियंत्रित नहीं गया तो जून 2020 तक इनकी संख्या 400 गुणा बढ़ जाएगी। 

भारत में मार्च और अप्रैल में टिड्डी दलों के लिए अनुकूल स्थितियां बन चुकी थीं। बारिश के कारण आई नमी और हरियाली ने इन टिड्डी दलों को भारत आने को प्रेरित किया। वर्तमान में हम देख रहे हैं कि ये टिड्डी दल उत्तर भारत के कई राज्यों में फैल चुके हैं। टिड्डी दलों को नियंत्रित करने के संबंध में आज एफएओ अधिकारियों की अहम बैठक हो रही है। एफएओ के महानिदेशक क्यूयू डोंक्यू का कहना है कि जीवनयापन और खाद्य सुरक्षा पर कोविड-19 और टिड्डी दल के विनाशकारी परिणाम होंगे।