Sign up for our weekly newsletter

दिल्ली में “रोजगार बाजार”, प्रवासी मजदूरों से लौटने की अपील

नौकरी खोजने और कामगारों की तलाश करने वालों के मिलाप के लिए सरकार ने शुरू की वेबसाइट

By DTE Staff

On: Monday 27 July 2020
 
लॉकडाउन के बाद बहुत से मजदूरों ने दिल्ली छोड़ दी थी। फोटो: विकास चौधरी
लॉकडाउन के बाद बहुत से मजदूरों ने दिल्ली छोड़ दी थी। फोटो: विकास चौधरी लॉकडाउन के बाद बहुत से मजदूरों ने दिल्ली छोड़ दी थी। फोटो: विकास चौधरी

कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के चलते बेरोजगार हुए युवाओं और कर्मचारियों की कमी झेल रहे उद्यमियों, दुकानदारों व कारोबारियों आदि को एक-दूसरे से मिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने वेब पोर्टल jobs.delhi.gov.in लॉन्च किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह वेब पोर्टल एक तरह से रोजगार बाजार है, जहां नौकरी लेने और नौकरी देने वालों का मिलाप होगा और लोगों को नौकरियां मिलेंगी। वेब पोर्टल पर बेरोजगार युवा जॉब के लिए और इम्प्लायर जॉब देने के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोनावायरस के डर से दिल्ली छोड़ने वाले प्रवासी मजूदरों से दिल्ली लौटने की अपील भी की है।

श्रम मंत्री गोपाल राय ने कहा कि वेब पोर्टल पर उद्यमी, दुकानदार, कारोबारी या प्रोफेशनल्स अपनी वैकेंसी डाल सकते हैं और बेरोजगार युवा यहां अपनी पसंद की नौकरी तलाश सकते हैं। उन्होंने कहा कि जॉब की कई प्राइवेट वेबसाइट भी हैं, लेकिन दिल्ली सरकार का वेब पोर्टल बिल्कुल निशुल्क है। यदि कोई दलाल पैसे मांगता है, तो किसी को पैसे देने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि दिल्ली में कोरोना को नियंत्रित करने के बाद अब हमें अगले पड़ाव की ओर जाना है। कोरोना के दौरान लोगों की नौकरियां चली गईं। लोगों की दुकानें और फैक्ट्रियां बंद हो गईं। कोरोना की वजह से बहुत सारे लोगों बहुत भारी नुकसान हुआ है। कई लोगों के घर में खाने की किल्लत भी हो गई। हालांकि इस दौरान दिल्ली सरकार ने खाने का इंतजाम किया, लेकिन अब लोगों को नौकरियां और काम-धंधे चाहिए। लोगों की दुकानें खुलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो इंडस्ट्री बंद हो गई थी, वह आज दोबारा खुलने लगी है। निर्माण कार्य भी दोबारा शुरू होने लगा है, लेकिन काम करने वाले लोग नहीं मिल रहे हैं। पिछले तीन-चार महीने में लोग अपने-अपने घर चले गए, इसलिए इंडस्ट्री और दुकान वालों को आदमी नहीं मिल रहे हैं। निर्माण कार्य करने वालों को आदमी नहीं मिल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, जिन लोगों की नौकरियां गई हैं, उन लोगों को काम नहीं मिल रहा है। इन दोनों के बीच में तालमेल बैठाने के लिए दिल्ली सरकार ने वेबसाइट शुरू की है।