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बर्ड फ्लू: बिहार में खेतों में मिली मरी हुई मुर्गियों, लोगों में दहशत

पशुपालन विभाग ने मरी हुई मुर्गियों के सीरम को जांच के लिए भेज दिया है

By C K Manoj

On: Friday 08 January 2021
 
Dead chickens found abandoned in Saraiya block of Muzaffarpur district, sparking bird flu panic

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक खेत में लगभग सौ मृत मुर्गियां पाई गई। इससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत है।

8 जनवरी को सरैया ब्लॉक में अपने घरों के बाहर मरी हुई मुर्गियों को कुत्ते खा रहे थे। इससे लोग हैरानी में पड़ गए।

एक ग्रामीण, उमेश प्रसाद सिंह ने कहा, "पास की एक मुर्गी फार्म में मुर्गियों की मौत हो गई और मालिक ने बर्ड फ्लू की आशंका के चलते पशुपालन विभाग द्वारा कार्रवाई से बचने के लिए उन्हें फेंक दिया।"

विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मृत मुर्गियों को गड्ढों में दफन कर दिया। मुजफ्फरपुर के जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. सुनील रंजन सिंह ने कहा, "हमने मरी हुई मुर्गियों से सीरम के नमूने एकत्र किए और विश्लेषण के लिए पटना में इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन (आईएएचपी) को भेज दिया।"

उन्होंने कहा कि वह इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि परीक्षण रिपोर्ट आने पर ही यह स्पष्ट होगा कि पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू से हुई। सिंह ने कहा कि जिले में पोल्ट्री फार्मों से बर्ड सीरम के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि यह पता किया जा सके कि बर्ड फ्लू का प्रकोप यहां भी है या नहीं।

अधिकारी ने कहा कि स्थिति पर सतर्कता रखने के लिए चार सदस्यीय टीम भी बनाई गई है। सिंह ने कहा, "हमने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे जिले में मुर्गियों, कौवों और अन्य पक्षियों की किसी भी मौत पर ध्यान दें और विभाग को तुरंत सूचित करें।"

केरल, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश से एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के संक्रमण की सूचना के बाद बिहार सरकार ने राज्य में व्यापक चौकसी दिखाई है। पशु और मत्स्य संसाधन विभाग ने सभी जिला पशुपालन अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रकोप से निपटने के लिए तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया।

विभाग ने अधिकारियों को राज्य में प्रकोप के बारे में तुरंत सूचित करने के लिए भी कहा है।

अब तक, वायरस से केरल सबसे अधिक प्रभावित है। केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने अन्य राज्यों से पक्षियों में असामान्य मृत्यु दर पर नजर रखने को कहा है।

इससे पहले बिहार में 2019 और 2020 में बर्ड फ्लू के कई मामले सामने आ चुके हैं। 2018 में बिहार में बर्ड फ्लू का प्रकोप देखा गया था। उस समय संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना के एक प्रमुख प्राणि उद्यान को छह मोरों के मरने के बाद अनिश्चित काल के लिए बंद करना पड़ा। उसी वर्ष, बिहार के पूर्वी जिले मुंगेर में उन पक्षियों को मार दिया गया, जिनमें घातक H5N1 वायरस का प्रकोप था।