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कोरोनावायरस: डॉक्टरों-नर्सों को संक्रमण से बचाने के लिए उपकरण बनाने का काम तेज

सीईसीआरआई हैंड सैनिटाइजर, हैंडवॉश सॉल्यूशन और स्वास्थ्यकर्मियों तथा डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए फेस शील्ड बनाए जा रहे हैं

By Umashankar Mishra

On: Wednesday 08 April 2020
 

कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के कारण निजी सुरक्षा उपकरणों की माँग भी तेजी से बढ़ रही है। निजी सुरक्षा उपकरणों की जरूरत को देखते हुए तमिलनाडु के करैकुडी में स्थित केंद्रीय विद्युत रसायन अनुसंधान संस्थान (सीईसीआरआई) निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्री के साथ मिलकर काम कर रहा है।

संक्रमण को रोकने के लिए सैनिटाइजर, अस्पतालों के सहायक उपकरण और निजी सुरक्षात्मक उपकरण बेहद जरूरी हो गए हैं। सीईसीआरआई द्वारा बनाए जा रहे निजी सुरक्षा से संबंधित सामग्री में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देशों के अनुसार बना हैंड सैनिटाइजर, हैंडवॉश सॉल्यूशन और स्वास्थ्यकर्मियों तथा डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए फेस शील्ड शामिल हैं।

सीईसीआरआई निजी सुरक्षा उपकरणों का उत्पादन बड़े पैमाने पर करने के लिए इंडस्ट्री के साथ साझेदारी भी कर रहा है। फेस शील्ड के उत्पादन के लिए सीईसीआरआई ने बंगलूरू की थ्रीडी लाइकैन कंपनी के साथ करार किया है। संस्थान की कोशिश कम समय में सूक्ष्मजीव प्रतिरोधी फेस शील्ड के बेहतर संस्करण तैयार करने की है, ताकि इसे कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की देखभाल में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टरों तक पहुँचाया जा सके।

हाइपो-क्लोराइट (डिसइन्फेक्टेंट) के विद्युत रासायनिक संश्लेषण पर आधारित अपनी एक लोकप्रिय तकनीक भी सीईसीआरआई एक कंपनी को हस्तांतरित कर रहा है,ताकि इस तकनीक के उपयोग से बड़े पैमाने पर संक्रमण रोकने वाले स्प्रे का उत्पादन किया जा सके। इस तरह के स्प्रे का उपयोग अस्पतालों, हवाईअड्डों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजिनक स्थलों पर संक्रमण को रोकने के लिए किया जा सकता है।

सीईसीआरआई की प्रयोगशाला में बनाए जा रहे हैंड सैनिटाइजर में डब्ल्यूएचओ के मापदंडों के अनुसार 75 प्रतिशत प्रोपैनॉल, 1.4 प्रतिशत ग्लिसरॉल, 0.125 प्रतिशत हाइड्रोजन पीरोऑक्साइड और सुगंध के लिए लेमनग्रास ऑयल का उपयोग किया गया है। इसी तरह, हैंडवॉश सॉल्यूशन में नारियल तेल के साथ सोडियम हाइपोक्लोराइड जैसे सॉल्यूशन का उपयोग किया जा रहा है। यह जानकारी सीईसीआरआई द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में दी गई है।

सीईसीआरआई वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक प्रयोगशाला है। इसके वैज्ञानिक विद्युतरसायन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित विभिन्न विषयों पर शोध एवं विकास का कार्य कर रहेहैं। कोविड-19 से लड़ने के प्रयासों के क्रम मेंसीईसीआरआई ने ग्रामीण महिलाओं को फेस मास्क बनाने के लिए डिजिटल प्रशिक्षण देना भी शुरू किया है, ताकि वे अपने आसपास मास्क की जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकें।

सीईसीआरआई ने अपनी डिस्पेंसरी में काम करने वाले कर्मचारियों को थ्रीडी प्रिंटेड फेस शील्ड उपलब्ध कराए हैं, ताकि वे मरीजों की छींक, खाँसी या फिर एरोसॉल के संचार से होने वाले संक्रमण से बचे सकें। संस्थान द्वारा तैयार किये गए सैनिटाइजर और हैंडवॉश को कंटेनर्स में पैक करके जरूर दिशा-निर्देशों के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं को निशुल्क वितरित किया जा रहा है। (इंडिया साइंस वायर)