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कोरोनावायरस: हिमाचल के बस दो जिले ही बचे हैं ग्रीन

तीन मई तक हिमाचल प्रदेश के 6 जिले ग्रीन जोन में थे, लेकिन प्रवासियों का आगमन बढ़ने के बाद अब 4 जिले रेड जोन में आ चुके हैं

By Rohit Prashar

On: Tuesday 12 May 2020
 
बाहर के राज्यों और जिलों से आने वाले लोगों की स्पीति बाॅर्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है। फोटो: रोहित पराशर
बाहर के राज्यों और जिलों से आने वाले लोगों की स्पीति बाॅर्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है। फोटो: रोहित पराशर बाहर के राज्यों और जिलों से आने वाले लोगों की स्पीति बाॅर्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है। फोटो: रोहित पराशर

बाहरी राज्यों से लौट रहे प्रवासी  हिमाचली अपने साथ कोरोना का संक्रमण भी प्रदेश में ला रहे हैं। 12 मई को प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमण मरीजों की संख्या 64 तक पहुंच गई है। इसमें से अभी 24 एक्टिव केस हैं, जिनमें से 18 लोगों का सीधा कनेक्शन दिल्ली से है। इसके अलावा जो अन्य एक्टिव केस हैं उनमें से एक गुजरात से और अन्य औद्योगिक क्षेत्र बद्दी से संबंधित बताया जा रहा है।

 3 मई तक हिमाचल में कोरोना संक्रमण के केवल 40 मामले थे और इनमें से 34 मरीज ठीक भी हो चुके थे और लगातार 12 दिनों तक कोई भी नया केस नहीं था, लेकिन इसके बाद पिछले डेढ़ सप्ताह के भीतर जब से बाहरी राज्यों से प्रवासियों का आना शुरू हुआ है, तब से प्रदेश में रोजाना कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। आलम यह है कि प्रदेश में अभी तक आए कोरोना के मामलों में से 46 का सीधा संबंध दिल्ली से है। तीन मई तक राज्य में 6 जिले शिमला, मंडी, लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और बिलासपुर ग्रीन जोन में थे, लेकिन 12 मई तक केवल दो जिले लाहौल स्पीति और किन्नौर ही ग्रीन जोन में बचे हैं।

हिमाचल में जब पहले दौर में कोरोना के 40 मामले देखे गए थे, उनमें से तब्लीगी जमात से संबंधित 29 मामले पाए गए थे और अब जब दूसरे दौर में नए एक्टिव केस देखने को मिल रहे हैं तो उमें भी ज्यादातर मामले दिल्ली से जुड़े ही है। इन मामलों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने अब बाहरी राज्यों खासकर दिल्ली और रेड जोन से लौट रहे प्रवासियों को होम क्वरांटीन न करके संस्थागत क्वरांटीन रखने का फैसला लिया है।

ऊना जिले में आए सबसे अधिक मामले
पंजाब बोर्डर के साथ सटे हिमाचल के ऊना जिले में सबसे अधिक कोरोना के पाॅजिटिव मामले सामने आए हैं। ऊना में 17 मामले हैं जिनमें से 1 अभी एक्टिव केस है। इसके बाद चंबा में 12 केस पाए गए हैं। इनमें से 6 एक्टिव हैं। चंबा जिला में हिमाचल का सबसे छोटी उम्र का कोरोना केस भी देखा गया है जो कि होम क्वरांटीन का सही से पालन न करने पर कोरोना पीड़ित पिता से पुत्री में आया है।

इसके अलावा कांगड़ा जिला में 10 और सोलन में 9 केस देखे गए हैं। जहां तीन मई तक हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में से 6 जिलों में कोरोना के केस देखे गए थे और छह जिले ग्रीन जोन में थे, वहीं बाहरी राज्यों से लौटने वाले हिमाचलियों की वजह से चार अन्य जिले भी अब ओरेंज जोन की श्रेणी में खड़े हो गए हैं। अब हिमाचल के दो कबायली जिले किन्नौर और लाहौल-स्पीति ही कोरोना की मार से बचे हुए हैं।

हिमाचल में अभी तक बाहरी राज्यों से 65 हजार से अधिक लोग घर वापसी कर चुके हैं। वहीं सरकार ने हिमाचलियों की घर वापसी के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई है। साथ ही बाहरी राज्यों से हिमाचलियों को वापस लाने के लिए परिवहन की बसें भी बाहरी राज्यों को भेजी हैं। हिमाचलियों को वापस लाने के लिए लगभग भी राज्यों में नोडल आफिसर की तैनाती भी सरकार ने की है।