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कोविड-19: लेकिन नुकसान भी पहुंचा सकती है हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के उपचार में उपयोग की जानी वाली क्लोरोक्वीन, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन से दिल का दौरा भी पड़ सकता है

By Dayanidhi

On: Thursday 09 April 2020
 
Photo: Flickr
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दुनिया के कई देशों में महामारी बन चुके कोरोनावायरस के लिए सभी देशों के वैज्ञानिक दवाई बनाने में लगे हुए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी देश को इसमें सफलता नहीं मिली है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए चिकित्सक जिन दवाओं का उपयोग कर रहे हैं, ये कितनी असरदार है तथा स्वास्थ्य पर इनका कितना प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, इस बारे में कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल (सीएमजे) ने समीक्षा की है।

क्लोरोक्वीन, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन का उपयोग कोविड-19 के उपचार और रोकथाम के लिए किया जा रहा है। जबकि कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल (सीएमजे) की समीक्षा में कहा गया है कि कोविड-19 पर इन दवाओं के प्रभावी असर का अभी तक कोई साक्ष्य नहीं है, लेकिन इन दवाओं का शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। 

डॉ. डेविड जुरीलिंक जो कि सनीब्रुक हेल्थ साइंसेज सेंटर और इंस्टिट्यूट फॉर क्लीनिकल एवलुयूटिव साइंसेज (आईसीईएस) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक है, का कहना है कि चिकित्सकों और रोगियों को क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्लोरिन के शरीर पर पड़ने वाले कई प्रतिकूल प्रभावों के बारे में पता होना चाहिए।

समीक्षा में इन दवाओं के साथ-साथ उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनके उपयोग के साथ जुड़े नुकसान के बारे में बताया गया है। 

इन दवाओं के निम्न प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं:

  • असामान्य हृदय गति - दिल की धड़कन का अचानक तेज या बहुत धीमा हो जाना जिसे अतालता कहते है।
  • हाइपोग्लाइसीमिया - खून में शुगर की कमी, शरीर का कांपना, दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना आना शामिल है।
  • न्यूरोपैसाइट्रिक प्रभाव -घबराहट, भ्रम, मतिभ्रम आदि
  • मेटाबोलिक बदलावअधिक मात्रा में लेना (ओवरडोज) -क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन अधिक मात्रा में लेने से ये अत्यधिक जहरीले होते हैं, इसके कारण दौरे, कोमा और दिल का दौरा भी पड़ सकता है।
  • दवा की कमी -ल्यूपस और अन्य पुरानी बीमारियों जैसे ऑटोइम्यून विकारों वाले मरीज़, जो इनके इलाज करने के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन लेते हैं, ये दवाएं उन तक नहीं पंहुच पाएंगी। 

समीक्षा में कहा गया है कि भले ही ये दवाएं कोविड-19 के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं, लेकिन साथ में चेतावनी भी दी गई है कि इनका उपयोग बीमारी को और बढ़ा भी सकता है।

डॉ. जुरालिंक कहते हैं कि कोविड-19 के उपचार में क्लोरोक्वीन या हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की क्षमता पर भरोसा करना कुछ हद तक ठीक है, लेकिन इस पर भी विचार किया गया है कि इन दवाओं से रोगों के बढ़ने के आसार कहीं अधिक हो सकते हैं। यही कारण है कि हमें कोविड-19 के रोगियों के इलाज के लिए इन दवाओं का नियमित उपयोग करने से पहले एक बेहतर साक्ष्य की आवश्यकता है, जो इस बात की पुष्टि करे कि ये असरदार है तथा इनका शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं हैं।