संसद में आज: कोविड में ऑक्सीजन की कमी से कितनों की मौत, सरकार को नहीं पता

राज्य मंत्री ने बताया कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) द्वारा 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के टीकाकरण से संबंधित वैज्ञानिक प्रमाणों पर विचार किया जा रहा है

By Madhumita Paul, Dayanidhi

On: Tuesday 21 December 2021
 
संसद में आज: सरकार के पास कोविड-19 के रोगियों की ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों का आंकड़ा नहीं है

सरकार ने महामारी के दूसरे दौर के दौरान देश भर में ऑक्सीजन की कमी के कारण कोविड-19 के रोगियों की मौत के संबंध में राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों से आंकड़ों की मांग की है। आंकड़ों के संबंध में अनुरोध हेतु 17 दिसंबर 2021 को सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को ईमेल किया गया था। जवाब में, केवल दो राज्यों (पंजाब और अरुणाचल प्रदेश) ने जवाब दिया है। पंजाब सरकार ने 29 नवंबर 2021 के पत्र द्वारा सूचित किया है कि पंजाब में अमृतसर जिले के एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण केवल 4 संदिग्ध मौतें हुई हैं, यह आज स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा में बताया। 

लोगों के स्वास्थ्य पर जानवरों को दिए जाने वाले एंटीबायोटिक का प्रभाव

पशुपालन एवं डेयरी विभाग की जानकारी के मुताबिक पशुओं के बीमार पड़ने पर दी जाने वाली एंटीबायोटिक जैसी दवाओं की कोई निश्चित खुराक नहीं है। यह बीमारी के प्रकार, बीमारी की गंभीरता, जानवरों की प्रजातियों, प्रशासन के मार्ग दर्शन आदि पर निर्भर करता है, यह आज स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा में बताया।

भोजन में एंटीबायोटिक और पशु चिकित्सा दवाओं को नियंत्रित करने के लिए, एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा और मानक (संदूषक, विषाक्त पदार्थ और अवशेष) विनियम, 2011 के तहत पशु खाद्य उत्पादों जैसे मांस, दूध, अंडा, चिकन में एंटीबायोटिक और पशु चिकित्सा दवाओं के लिए अधिकतम सीमा निर्धारित की है। आगे पवार ने कहा कि कुछ एंटीबायोटिक और पशु चिकित्सा दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और पशु मूल के भोजन के किसी भी प्रसंस्करण चरण में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना

सरकार ने 1563 प्रेशर स्विंग आडसोर्पशन (पीएसए) ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों को मंजूरी दी है, जिनमें से 1463 चालू कर दिए गए हैं। इनमें 1225 पीएसए संयंत्र शामिल हैं जिन्हें देश के हर जिले में पीएम केयर फंड के तहत स्थापित और चालू किया गया है। इसके अतिरिक्त 338 पीएसए संयंत्र पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, बिजली मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, रेल मंत्रालय आदि के सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा अब तक स्थापित किए गए हैं, यह जानकारी आज स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्य सभा में दी।

पवार ने कहा वर्ष 2020-21 में 24.46 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है और पीएम-केयर्स फंड के तहत पीएसए संयंत्रों की स्थापना के लिए वर्ष 2021-22 (अब तक) में 368.04 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। 

18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के टीकाकरण के लिए नीति

कोविड-19 (एनईजीवीएसी) के लिए वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह और टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) द्वारा 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के टीकाकरण से संबंधित वैज्ञानिक प्रमाणों पर विचार किया जा रहा है, यह आज स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा में बताया।

16 दिसंबर 2021 तक, तमिलनाडु में कुल 7,77,31,238 वैक्सीन खुराक दी गई हैं, जिसके माध्यम से 4,80,59,712 (83 फीसदी) लाभार्थियों को कोविड-19 के टीके की कम से कम एक खुराक मिली है और 2,96, 71,526 (51.3 फीसदी ) लाभार्थियों को दोनों खुराकें मिल चुकी हैं। पवार ने कहा तमिलनाडु में दी गई कुल खुराक में से 48.5 फीसदी पुरुष और 51.5 फीसदी महिला आबादी शामिल है। वहीं जनसंख्या का 0.02 फीसदी 'अन्य' के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

कोविड-19 महामारी की स्थिति

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा में बताया कि 17 दिसंबर 2021 तक, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कोविड-19 के कारण कुल 3,47,26,049 मामले सामने आए हैं।

पवार ने यह भी कहा कि देश में कोविड-19 के समग्र प्रक्षेपवक्र में मई 2021 के बाद से महत्वपूर्ण और निरंतर गिरावट दर्ज की गई है, कुछ राज्यों / जिलों में कोविड-19 के मामलों की बढ़ती संख्या की रिपोर्ट जारी है। 17 दिसंबर 2021 तक, 5 राज्य (केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और कर्नाटक) देश के सभी सक्रिय मामलों में 77.9 फीसदी के लिए जिम्मेवार हैं।

अधिक उपज देने वाली चावल की किस्में

चावल की किस्मों एमटीयू1010, स्वर्ण, नवीन और एचकेआर127 को सूखा और खारापन सहने हेतु विशिष्ट जीन के लिए संपादित किया गया है। ये सभी  प्रयोगशाला मूल्यांकन के चरण में हैं। यह आज कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में बताया। तोमर ने बताया कि नई किस्मों के रूप में उपयोग करने के लिए कई स्थानों पर तीन साल के क्षेत्र मूल्यांकन परीक्षण की आवश्यकता है।

मछली प्रजातियों में कमी

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने लोकसभा में बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने जानकारी दी है कि गंगा नदी के मुख्य चैनल में मछली जैव विविधता में 30 फीसदी की कमी के संबंध में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है।

इसके अलावा, भाकृअनुप-केंद्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीआईएफआरआई), कोलकाता के अध्ययनों ने 2017 के दौरान मुख्य चैनल से 175 मछली प्रजातियों और 2020 के दौरान 190 मछली प्रजातियों की जानकारी दी थी, रुपाला ने कहा कि आईसीएआर-सीआईएफआरआई ने गंगा नदी की मछली और मत्स्य पालन और गंगा नदी से सटे 75 गांवों के मछुआरों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर एक विस्तृत अध्ययन किया है।

2017-20021 के दौरान, आईसीएआर-सीआईएफआरआई ने 5 राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 66 नदी मत्स्य पालन कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिसमें 42 लाख भारतीय प्रमुख कार्प (कटला, रोहू और मृगल) और कालबासु फिंगरलिंग के अलावा 50,000 फिंगरलिंग जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा समर्थित परियोजना के तहत गंगा नदी में मछली प्रजातियों के संरक्षण के लिए महाशीर, झींगा, सिंघी, बाटा को जोड़ा गया।

इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग बढ़ता जा रहा है। ई-वाहन पोर्टल (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय) के अनुसार, वर्तमान में 08.12.2021 तक भारतीय सड़कों पर लगभग 8.77 लाख सक्रिय इलेक्ट्रिक वाहन हैं। यह आज भारी उद्योग राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने लोकसभा में बताया। 

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