Climate Change

भारत इस साल तोड़ेगा चक्रवातों का अपना रिकॉर्ड, 9 को नया चक्रवात

आंध्र प्रदेश और ओडिशा से टकराने वाला सातवां चक्रवात बुलबुल नौ नवंबर को आ रहा है, इसके साथ ही 2019 का यह 7वां चक्रवात होगा

 
By DTE Staff
Last Updated: Monday 04 November 2019
Photo: GettyImages
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मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने अपने नए बुलेटिन में कहा है कि भारत इस साल यानी 2019 में पिछले साल (2018) के सात चक्रवातों का अपना रिकॉर्ड तोड़ देगा। पिछले साल देश ने एक साल में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की मार के 33 साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था।

स्काईमेट द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 9 नवंबर से एक नया चक्रवाती तूफान आंध्र प्रदेश और ओडिशा राज्य को प्रभावित करेगा। इसे बुलबुल नाम दिया गया है। यह 2019 का सातवां चक्रवात है, जो भारत को प्रभावित करेगा। 2018 में भी सात चक्रवातों का रिकॉर्ड बना था। विज्ञप्ति में संभावना जताई गई है कि 2019 में 2018 की संख्या पार हो सकती है।

(कैसे दिया जाता है चक्रवातों को नाम

विज्ञप्ति के मुताबिक, भारत के पूर्वी तट विशेष रूप से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच 9-12 नवंबर के बीच मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है।  

वर्तमान में उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो गया है। 5-6 नवंबर तक यह बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी पर एक दबाव बन जाएगा। स्काईमेट ने कहा कि वर्तमान में, हम उम्मीद करते हैं कि पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की दिशा में सिस्टम का दबाव जारी रहेगा और आगे चलकर एक बड़े दबाव के बाद एक चक्रवात में तब्दील हो जाएगा।

 

चक्रवात में दबाव को कम करने के लिए समुद्री तापमान अनुकूल है। समुद्र की सतह का तापमान लगभग 29-30 डिग्री सेल्सियस है। स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह चक्रवात की तीव्रता के लिए एक उपयुक्त स्थिति है। इससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी वर्षा होगी।

मौसम विभाग (आईएमडी) के उत्तर भारतीय महासागर पर उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के लिए क्षेत्रीय विशेष मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 2018 में  उत्तर हिंद महासागर क्षेत्रों पर चक्रवाती गड़बड़ी की लंबी अवधि (एलपीए) औसत से आगे निकल गई। पिछले साल 14 ऐसी घटनाएं हुईं जबकि सालाना औसत 12 है। इनमें से सात उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में बदल गए। यह प्रति वर्ष 4.5 चक्रवात के औसत से बहुत अधिक है।

 जानें, क्या है चक्रवातों के तीव्रता की प्रमुख वजह

“1985 में एक वर्ष में सात चक्रवात विकसित हुए थे। इसमें 2 चक्रवाती तूफान, 1 गंभीर चक्रवाती तूफान, 3 बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान और 1 अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान शामिल थे।

हालांकि 2017 में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की संख्या लंबी अवधि के औसत से कम थी। इस साल तीन उष्णकटिबंधीय चक्रवात आए। उत्तर हिंद महासागर (यानी, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर) में पिछले दशकों के दौरान गंभीर चक्रवात आवृत्ति में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

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