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गुजरात और महाराष्ट्र में भारी नुकसान के बाद राजस्थान की ओर बढ़ा चक्रवाती तूफान तौकते

तूफान के चलते 19-20 मई के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के आस-पास के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं

By Dayanidhi

On: Wednesday 19 May 2021
 
गुजरात और महाराष्ट्र में तबाही मचाने के बाद अब चक्रवाती तूफान तौकते राजस्थान की ओर बढ़ा

गुजरात क्षेत्र के ऊपर भयंकर चक्रवाती तूफान "तौकते" या "ताउते" का कुछ प्रभाव अभी भी बना हुआ है। तूफान पिछले 6 घंटों के दौरान लगभग 7 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर पूर्व की ओर बढ़ गया है। हालांकि अब चक्रवाती तूफान "तौकते" कमजोर पड़ गया और आज, 19 मई, 2021 को 05:30 बजे दक्षिण राजस्थान और आसपास के गुजरात क्षेत्र में केंद्रित रहा। तूफान उदयपुर (राजस्थान) से लगभग 60 किमी पश्चिम, पश्चिम-दक्षिण, और दीसा (गुजरात क्षेत्र) से 110 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व में है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तूफान के उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और अगले 12 घंटों के दौरान धीरे-धीरे कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने का अनुमान है। अगले दो दिनों के दौरान इस तूफान के प्रभाव के राजस्थान से पश्चिम उत्तर प्रदेश की ओर, उत्तर पूर्व की ओर बढ़ने का अनुमान है।Source : IMD

आनंद और अमरेली, गिर सोमनाथ, दीव, भावनगर के ऊपर लगभग 1-2 मीटर (मीटर) के खगोलीय ज्वार की लहर आने की आशंका है। भरूच, अहमदाबाद के दक्षिणी हिस्सों, सूरत, नवसारी, वलसाड में लगभग 1 मीटर की ऊंची लहरें उठने के आसार हैं जिसके चलते अगले 06 घंटों के दौरान तटीय क्षेत्रों के जलमग्न होने का अनुमान है। 

तूफान के प्रभाव के चलते तथा इसका आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के साथ संपर्क होने के कारण 19-20 मई के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के आस-पास के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश होने तथा कुछ जगहों पर गरज के साथ-साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। 

हिमाचल प्रदेश में भयंकर वर्षा होने का अनुमान है। 19 मई को उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और उसी दिन पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होगी। 19 मई, 2021 को उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों में मूसलाधार बारिश होने का भी अनुमान है। 

तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी

दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार तक पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि इन इलाकों में मछली पकड़ने तथा किसी तरह के व्यापार से संबंधित काम के लिए न जाएं।