चक्रवाती तूफान ‘आसनी’: आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने कृष्णा, पूर्व और पश्चिम गोदावरी, पुडुचेरी, यनम और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिलों में नुकसान होने की आशंका जताई है।

By Dayanidhi

On: Wednesday 11 May 2022
 
चक्रवाती तूफान ‘आसनी’: आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना खतरनाक चक्रवाती तूफान ‘आसनी’ पिछले 6 घंटों के दौरान 12 किमी प्रति घंटे की गति के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है।

यह मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से लगभग 90 किमी दक्षिण, दक्षिण पूर्व, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से 170 किमी दक्षिण, दक्षिण पश्चिम, विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 300 किमी दक्षिण, दक्षिण पश्चिम, गोपालपुर से 540 किमी दक्षिण, दक्षिण पश्चिम (आंध्र प्रदेश) और पुरी (ओडिशा) से 650 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है।

चक्रवाती तूफान के लगभग उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आज सुबह तक आंध्र प्रदेश तट के करीब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने के आसार हैं। इसके बाद, इसके धीरे-धीरे उत्तर, उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ने, मछलीपट्टनम, नरसापुर, यनम, काकीनाडा, तुनी और विशाखापट्टनम तटों के साथ आगे बढ़ने और 11 मई की शाम तक उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों से पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पहुंचने की आशंका जताई गई है।

फिर इसके उत्तर-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का अनुमान है। इसके 11 मई की सुबह तक एक चक्रवाती तूफान में बदल कर 12 मई की सुबह तक धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।

आज यानी 11 मई को तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं। वहीं तटीय ओडिशा और आसपास के तटीय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भी भारी वर्षा हो सकती है।

12 मई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है और इन्हीं इलाकों के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

Source : IMD

पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास 85 से 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के और तेज होकर 105 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार हैं।

हवाओं की गति के 11 मई की सुबह से धीरे-धीरे कम होकर 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 100 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। इन्हीं क्षेत्र में 11 मई की शाम तक 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की रफ्तार और तेज होकर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी।

इसके अलावा, यह 12 मई को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चलने वाली हवाओं की रफ्तार घटकर 60 किमी प्रति घंटे हो जाएगी।

आंध्र प्रदेश के तट पर 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के और तेज होकर 65 किमी प्रति घंटे की दर तक पहुंचने के आसार हैं । 11 मई के शुरुआती घंटों में 55 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के और तेज होकर 75 किमी प्रति घंटे होने का अनुमान है।

11 मई की सुबह से दोपहर के दौरान 70 से 80 किमी प्रति घंटे की दर से चलने वाली तेज हवाओं की रफ्तार और बढ़ने की आशंका जताई गई है, यह पश्चिम गोदावरी, पुडुचेरी और विशाखापट्टनम जिलों को प्रभावित करेगी।

11 से 12 मई को ओडिशा तट और पश्चिम बंगाल के तट पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार हैं।

तेज हवाओं के चलते लगभग 0.6 मीटर की ऊंचाई के तूफानी लहरें उठने के आसार हैं, जिसके कारण कृष्णा, पूर्वी और पश्चिम गोदावरी, पुडुचेरी, यनम और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका जताई गई है।

समुद्र से दूर रहने की चेतावनी

मौसम विभाग ने मछुआरों को 11 मई को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में और 12 मई तक बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में मछली पकड़ने तथा किसी तरह के व्यापार से संबंधित काम के लिए न जाने की सलाह दी है।

वहीं मछुआरों को कहा गया है कि 11 मई को आंध्र प्रदेश और ओडिशा तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में और 12 मई तक बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में जाने से बचें।

तूफान से नुकसान होने की आशंका

मौसम विभाग ने कृष्णा, पूर्व और पश्चिम गोदावरी, पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश के यनम और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिलों में नुकसान होने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने तूफान के चलते इन इलाकों में घास-फूस की झोपड़ियों को नुकसान होने की आशंका जताई है, साथ ही चेतावनी देते हुए बताया है की पेड़ की शाखाओं के टूटने से बिजली और संचार लाइनों को नुकसान हो सकता है।

कच्चे सड़कों को बड़ा नुकसान होने और पक्की सड़कों को मामूली नुकसान होने के आसार हैं। धान और अन्य खड़ी फसलों, केले, पपीते के पेड़ और बागों को नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ आने का खतरा हो सकता है। 

तूफान के असर से बचने के लिए सुझाव

मौसम विभाग ने कृष्णा, पूर्व और पश्चिम गोदावरी, पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश के यनम और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले में रहने वाले लोगों के लिए सुझाव दिए गए हैं, इसमें कहा गया है कि लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें, अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करने से पहले भारी बारिश के कारण अपने मार्ग पर यातायात के दौरान होने वाली भीड़-भाड़ के बारे में पता करें, इस संबंध में जारी यातायात से संबंधित सलाह का पालन करें।

ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचें, जहां अक्सर जलजमाव की समस्या का सामना करना पड़ता है।

Subscribe to our daily hindi newsletter