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चक्रवाती तूफान यास के अगले 72 घंटे में भयंकर होने के आसार, अलर्ट जारी

चक्रवात यास के चलते मौसम विभाग की मछुआरों को बंगाल की खाड़ी से निकलने की चेतावनी जारी

By Dayanidhi

On: Friday 21 May 2021
 
तूफान यास  के अगले 72 घंटे में भयंकर होने के आसार, अलर्ट जारी
Photo : Wikimedia Commons Photo : Wikimedia Commons

चक्रवाती तूफान "तौकते" या "ताउते" ने भारत के दक्षिणी हिस्सों और गुजरात में काफी जान-माल का नुकसान किया। यह तूफान भीषण था और इससे विनाश को उन क्षेत्रों में देखा जा सकता है जहां से यह गुजरा और जहां यह टकराया। अब एक और "यास" नाम का चक्रवात भारत की ओर बढ़ रहा है, इस बार इसकी चपेट में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के आने की आशंका है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 22 मई, 2021 के आसपास उत्तरी अंडमान सागर और इससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की आशंका जताई गई हैं। इसके 24 मई 2021 तक एक चक्रवाती तूफान "यास" में तब्दील होने का अनुमान लगाया गया है। इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 26 मई की सुबह के आसपास ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर पहुंचने की आशंका जताई गई है।

पूर्वोत्तर भारत में बंगाल की खाड़ी से दक्षिण, दक्षिण-पश्चिमी हवाओं और निचले स्तरों पर असम के ऊपर चक्रवाती प्रसार के कारण, 21 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और असम और मेघालय में अलग-अलग जगहों में भारी वर्षा होने का अनुमान है।

यदि यह चक्रवाती तूफान "तौकते" या "ताउते"  जैसा खतरनाक होता है तो पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इसके तबाही मचाने के आसार हैं। इस तूफान का असर 22 मई से दिखना शुरू हो जाएगा, इसका असर झारखंड पर भी होना बताया जा रहा है।

Source : IMD

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इस चक्रवात के 26 मई के आसपास ओडिशा-बंगाल तट पर टकराने के आसार हैं, जो उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों को अधिक प्रभावित कर सकता है। राज्य सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने फसलों को बचाने की तुरंत सुरक्षा और निवारक उपाय करें।

इस तूफान के बाद बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में आनेवाले तूफान का नाम गुलाब होना बताया जा रहा है। इस बार नामकरण की बारी पड़ोसी देश पाकिस्तान की है।

चेतावनी

दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश के तटों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के 60 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने की आशंका है। यह गतिविधि पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर में जारी रहने का अनुमान है, मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि इन इलाकों में मछली पकड़ने तथा किसी तरह के व्यापार से संबंधित काम के लिए जाने से बचें।

23 मई को भी दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की दर से चलने वाली हवाओं के 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने की आशंका है। दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में और तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट पर हवाओं के 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान है। पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान सागर में 55-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा के 75 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने के आसार हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि इन इलाकों में मछली पकड़ने तथा किसी तरह के व्यापार से संबंधित काम के लिए जाने से बचें।