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3 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला मेडिसिन का नाेबेल पुरस्कार

नोबेल पुरस्कार की घोषणा करते हुए बताया गया कि उन्होंने जो शोध किया है, उनसे कैंसर और एनीमिया जैसी बीमारियों के इलाज में काफी मदद मिलेगी

By Vibha Varshney

On: Monday 07 October 2019
 
Photo: twitter @NobelPrize
Photo: twitter @NobelPrize
Photo: twitter @NobelPrize

मेडिसिन के क्षेत्र में दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार इस बार तीन वैज्ञानिकों का संयुक्त रूप से दिया गया है। इनमें से विलियम कैलेन और ग्रीग सेमेंजा अमेरिका के रहने वाले हैं, जबकि पीटर रैटक्लिफ ब्रिटेन के हैँ। नोबेल पुरस्कार की घोषणा करते हुए बताया गया कि उन्होंने जो शोध किया है, उनसे कैंसर और एनीमिया जैसी बीमारियों के इलाज में काफी मदद मिलेगी। इन खोजकर्ताओं ने पता लगाया है कि ऑक्सीजन का स्तर किस तरह से हमारे सेलुलर मेटाबोल्जिम और शरीरिक गतिविधियों को प्रभावित करता है।

विलियम कैलेन बोस्टन में दाना-फार्बर कैंसर संस्थान में हैं, पीटर रैटक्लिफ़ यूनाइटेड किंगडम में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से हैं और ग्रीग सेन्जेन बाल्टीमोर में जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में हैं।

सेमेन्जा हार्मोन एरिथ्रोपोइटिन के लिए ईपीओ जीन का अध्ययन कर रहे थे। उन्होंने जीन के बगल में एक विशिष्ट डीएनए खंड की खोज की, जो ऑक्सीजन के लिए सेल की प्रतिक्रिया की मध्यस्थता करता है।

एक प्रोटीन कॉम्प्लेक्स का नाम हाइपोक्सिया-इंडुसेबल फैक्टर (एचआईएफ) दिया है। उन्होंने इसे पर्यावरण में ऑक्सीजन के स्तर के आधार पर डीएनए सेगमेंट से जोड़ा और पाया कि जब ऑक्सीजन का स्तर कम होता है, तो एचआईएफ की मात्रा बढ़ जाती है।

रैटक्लिफ ने ईपीओ जीन का भी अध्ययन किया। उस समय, कालिन वॉन हिप्पेल-लिंडौ की बीमारी का अध्ययन कर रहे थे, जिसके कारण कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने पाया कि कैंसर कोशिकाओं में एक कार्यात्मक वीएचएल जीन की कमी होती है जो असामान्य रूप से उच्च स्तर के हाइपोक्सिया-नियंत्रित जीनों में होती है।

यह नया ज्ञान कैंसर और एनीमिया जैसी बड़ी बीमारियों का इलाज करने में मदद करेगा। पुरस्कार की घोषणा करने के लिए आयोजित प्रेस बैठक में  नोबेल पुरस्कार चयन समिति के कारोलिंस्का संस्थान के रान्डेल जॉनसन ने बताया कि इस समझ का उपयोग पहले से किया जा रहा है।

उदाहरण के लिए, एनीमिया के लिए एक उपचार पहले से ही चीन में क्लीनिकल ट्रायल के तहत है। यह उपचार एनीमिया के इलाज के लिए अभिव्यक्ति को बढ़ाने पर निर्भर करता है। विजेताओं को 9 मिलियन स्वीडिश क्रोना (1 स्वीडिश क्रोना 7.17 भारतीय रुपए के समान है) दिए जाएंगे, जो तीन शोधकर्ताओं के बीच समान रूप से विभाजित किया जाएगा।