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पसीने से विटामिन सी के लेवल का पता लगाएगा यह सेंसर

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसी) सैन डिएगो की एक टीम ने एक पहनने योग्य, विटामिन सी सेंसर विकसित किया है।

By Dayanidhi

On: Wednesday 17 June 2020
 
Photo: Pixabay
Photo: Pixabay Photo: Pixabay

 

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा बायोसेंसर बनाया है जो न केवल विटामिन सी, बल्कि शरीर में अन्य पोषक तत्वों को ट्रैक कर सकता है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसी) सैन डिएगो की एक टीम ने एक पहनने योग्य, विटामिन सी सेंसर विकसित किया है। यह उपयोगकर्ताओं को उनके दैनिक पोषण और आहार को ट्रैक करने के लिए एक नया विकल्प प्रदान कर सकता है। 

यूसी सैन डिएगो के जूलियन सेम्पियोनाट्टो ने कहा पहनने योग्य सेंसर पारंपरिक रूप से शारीरिक गतिविधि पर नज़र रखने, मधुमेह में रोग विकारों की निगरानी के लिए बनाया गया है। यह आवश्यक विटामिन के स्तर में परिवर्तन को ट्रैक करने के लिए एंजाइम-आधारित दृष्टिकोण का उपयोग करने वाला पहला सेंसर है। 

नैनो सेनियरिंग के प्रोफेसर और यूसी सैन डिएगो में पहनने योग्य सेंसर के निदेशक जोसेफ वांग ने कहा पहनने योग्य सेंसर को शायद ही पहले कभी पोषण के लिए सटीक माना गया हो। यह अध्ययन एसीएस सेंसर पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

हमारे शरीर के लिए विटामिन सी महत्वपूर्ण क्यों है

विटामिन सी का हमारे आहार में एक अहम स्थान होता है, क्योंकि यह मानव शरीर द्वारा उत्पन्न (सिन्थसाइज) नहीं किया जा सकता है, भोजन के माध्यम से या विटामिन की खुराक के माध्यम से प्राप्त किया जाता है। विटामिन प्रतिरक्षा स्वास्थ्य और मज्जा (कोलेजन) उत्पादन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह घावों को भरता है, साथ ही पौधे आधारित खाद्य पदार्थों से लोहे की मात्रा को अवशोषित करता है। इस शोध में इस बात की जांच की जा रही हैं कि एंटीऑक्सिडेंट के रूप में विटामिन की भूमिका कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों के इलाज में लाभकारी है या नहीं।

 

कोविड-19, सार्स-सीओवी-2 वायरस के कारण होने वाली बीमारी से उबरने के लिए कई नैदानिक परीक्षणों में विटामिन का अध्ययन किया जा रहा है। पिछले अध्ययनों में बताया गया है कि विटामिन सी की खुराक बीमारी से उबरने में मदद करता है। अन्य उपचारों के साथ, सेप्सिस के रोगियों में मृत्यु दर कम करने के लिए और, तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम (एआरडीएस), कोविड-19 जैसे गंभीर बीमारियों में इसका अधिकतर उपयोग बताया जा रहा है।

इस तरह के पहनने योग्य सेंसर डॉक्टरों और उपचार के दौरान विटामिन सी के स्तर पर नज़र रखते हुए रोगियों को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। जिससे स्वास्थ्य सेवा देने वाले रोगी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए विटामिन की कमी को ठीक कर सकते हैं।

कैसे काम करता है पहनने योग्य उपकरण 

नए पहनने योग्य उपकरण में एक चिपकने वाला पैच होता है जिसे उपयोगकर्ता की त्वचा पर लगाया जा सकता है। जिसमें पसीना निकालने वाली एक प्रणाली होती है, पसीने में विटामिन सी के स्तर का जल्दी पता लगाने के लिए एक इलेक्ट्रोड सेंसर को डिज़ाइन किया गया है।

ऐसा करने के लिए, डिवाइस में एंजाइम एस्कॉर्बेट ऑक्सीडेज वाले लचीले इलेक्ट्रोड लगे होते हैं। जब विटामिन सी मौजूद होता है, तो एंजाइम इसे डीहाइड्रोस्केरोबिक एसिड में परिवर्तित कर देता है और ऑक्सीजन की खपत के कारण एक करंट उत्पन्न होता है जिसे उपकरण द्वारा मापा जाता है।

इसे जांचने के लिए परीक्षण किया गया जिसे विट्रो परीक्षण कहते हैं। इसमें चार लोगों को लिया गया जिन्हें विटामिन सी की खुराक और विटामिन सी युक्त फलों के रस का सेवन करवाया गया, उसके बाद इन लोगों को यह उपकरण पहना दिया गया। उपकरण द्वारा दो घंटे ट्रैक करने के बाद विटामिन के स्तर और गतिशीलता में परिवर्तन का पता लगाया।  शोधकर्ताओं ने इसकी अलग-कार्यक्षमता का प्रदर्शन करते हुए, आंसू और लार में अस्थायी विटामिन सी परिवर्तन का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रोड डिटेक्टर की क्षमता का परीक्षण भी किया।

सेमपायोन्टो ने कहा इस प्रकार का उपकरण लोगों के सही आहार और पोषण के लिए अहम होगा। एक उपयोगकर्ता केवल विटामिन सी, बल्कि अन्य पोषक तत्वों- मल्टीविटामिन पैच को ट्रैक कर सकता है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जो तेजी से बढ़ता रहेगा।

वांग ने कहा पहनने योग्य बायोसेंसर के तेजी से विकास के बावजूद, व्यक्तिगत पोषण को बताने के लिए इन उपकरणों की क्षमता अभी तक आंकी नहीं गई है। मुझे उम्मीद है कि नए एपिडर्मल पैच पोषण की स्थिति के आकलन के लिए पहनने योग्य सेंसर का उपयोग करने, पोषक तत्वों की कमी का पता लगाने, पोषण संबंधी कमियों को ठीक करने, विटामिन के सेवन के पालन का आकलन करने और सही आहार करने की सुविधा प्रदान करेंगे।