समय से पहले, इस बार केरल में 27 मई के आसपास दस्तक दे सकता है मॉनसून

आईएमडी के मुताबिक 2022 में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य रहेगा, हालांकि उत्तर, दक्षिण और उत्तर पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के कम होने के आसार हैं।

By Dayanidhi

On: Saturday 14 May 2022
 
समय से पहले,इस बार केरल में 27 मई के आसपास दस्तक दे सकता है दक्षिण-पश्चिम मॉनसून

मौसम विभाग के मुताबिक इस साल केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की शुरुआत सामान्य तिथि से पहले होने की संभावना है। केरल में मॉनसून की शुरुआत 27 मई के आसपास हो सकती है।

भारतीय मॉनसून वाले इलाके में, दक्षिण अंडमान सागर में शुरुआती मॉनसूनी बारिश होती है। इसके बाद मॉनसूनी हवाएं बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ती हैं। सामान्य तिथियों में जब मॉनसून की शुरुआत होती है तब दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अंडमान सागर में 22 मई के आसपास आगे बढ़ता है।

मौसम विभाग ने बताया कि बढ़ती तथा तेज भूमध्यरेखीय हवाओं के चलते इस बार 15 मई, 2022 के आसपास मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है। दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मॉनसून के दक्षिण-पश्चिम से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।

मौसम विभाग के कहा कि पिछले आंकड़ों से पता चलता है कि अंडमान सागर के ऊपर मॉनसून के आगे बढ़ने की तारीख का केरल में मॉनसून की शुरुआत की या देश में मॉनसूनी बारिश के साथ कोई संबंध नहीं है।

केरल में मॉनसून के आगमन का सामान्य समय 1 जून है। पिछले साल 3 जून के आसपास यहां मॉनसून ने दस्तक दी थी, लेकिन इस साल इसके जल्दी आने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक 2021 (जून-सितंबर) में दक्षिण-पश्चिम मॉनसूनी मौसम के दौरान पूरे भारत में बारिश सामान्य रही थी। यह पूर्व और उत्तर पूर्व भारत में सामान्य से नीचे और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से अधिक दर्ज की गई थी।

जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान दर्ज की गई लंबी अवधि की अनुमानित वर्षा क्रमशः 110 प्रतिशत, 93 प्रतिशत, 76 प्रतिशत और 135 प्रतिशत के साथ पूरे देश में महीने-दर-महीने बारिश में अंतर देखा गया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अनुमान लगाया है कि भारत में 2022 में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य रहने की संभावना है। पूरे देश में वर्षा का एक समान वितरण होने का अनुमान है, हालांकि उत्तरी, दक्षिणी और उत्तर पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के कम होने के आसार हैं। 

पुणे में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ ट्रॉपिकल मीटरोलॉजी के जलवायु वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल ने डाउन टू अर्थ के इंग्लिश संस्करण को बताया कि " मॉनसून की शुरुआत के करीब चक्रवात नमी का पुनर्वितरण करते हैं और तापमान और नमी को बदलते हैं, जिससे मॉनसून की शुरुआत और प्रगति प्रभावित होती है।"

जबकि आईएमडी के पूर्व महानिदेशक केजे रमेश के मुताबिक चक्रवात निश्चित रूप से इस साल इस प्रक्रिया में मदद करेंगे क्योंकि वे मॉनसून के लिए अनुकूल स्थिति बना रहे हैं।  

अभी तक बंगाल की खाड़ी में चक्रवात और मॉनसून को एक साथ जोड़ने वाले बहुत अधिक वैज्ञानिक शोध या अध्ययन उपलब्ध नहीं है। लेकिन अरब सागर में इसको लेकर कुछ अध्ययन किए गए हैं।

आईएमडी के मुताबिक पिछले 17 वर्षों, 2005 से 2021 के दौरान केरल में मॉनसून की शुरुआत की तारीख के पूर्वानुमान 2015 को छोड़कर अब तक सही साबित हुए हैं।  

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