एशिया में पाए गए सबसे प्राचीन चमगादड़, जीवाश्म के विवरण से चला पता

एशिया में पाए गए सबसे पुराने चमगादड़ के जीवाश्म से चमगादड़ों की रहस्यमय उत्पत्ति और यह भी पता चलता है कि स्तनधारियों का विकास कैसे हुआ।

By Dayanidhi

On: Thursday 08 July 2021
 
एशिया में पाए गए सबसे प्राचीन चमगादड़, जीवाश्म के विवरण से चला पता
Photo : Wikimedia Commons Photo : Wikimedia Commons

चमगादड़ों के उड़ान की क्षमता विकसित करने के बाद ये दुनिया भर में फैल गए और चमगादड़ के जीवाश्म अधिकांश महाद्वीपों के प्रारंभिक इओसीन युग से जाने जाते हैं।

शोध से पता चला है कि एशिया का सबसे पुराना चमगादड़ का जीवाश्म खोजा गया है तथा उसका वर्णन किया गया है। एशिया महाद्वीप में चमगादड़ों के विकास के बारे में प्रकाश डालता है। शोध में इस संभावना को भी उजागर किया गया है कि चमगादड़ परिवार की "रहस्यमय" उत्पत्ति का पता लगाया जा सकता है।  

कान्सास विश्वविद्यालय और चीन आधारित एक टीम ने जुंगगर बेसिन में फील्ड वर्क किया। उत्तर-पश्चिम चीन में एक बहुत ही दूर तलछटी बेसिन में चमगादड़ के दो अलग-अलग नमूनों से दो जीवाश्म दांतों की खोज की है, जिसे अल्टेनीक्टेरिस ऑरोरा कहा जाता है।

जीवाश्म के नए नमूने वैज्ञानिकों को चमगादड़ के विकास और भौगोलिक रूप से दुनिया भर में इनके फैले होने के बारे में बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। इससे यह भी पता चल सकता है कि स्तनधारियों का विकास कैसे हुआ।

कान्सास विश्वविद्यालय (केयू) जैव विविधता संस्थान के प्रमुख शोधकर्ता मैथ्यू जोन्स ने बताया कि चमगादड़ लगभग 5 करोड़ वर्ष पहले जीवाश्म रिकॉर्ड के रूप में दिखाई देते हैं। यह पहले से ही दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैले हुए हैं।  

इससे पहले, सबसे शुरुआती चमगादड़ यूरोप-पुर्तगाल और दक्षिणी फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया में कुछ स्थानों से संबंधित हैं। इसलिए, जब वे जीवाश्म रिकॉर्ड में इन टूटे हुए जीवाश्मों के रूप में दिखाई देते हैं तो वे पहले से ही प्रभावी रूप से दुनिया भर में फैले हैं।

शोधकर्ता ने कहा जब हमें चमगादड़ का सबसे पहले पहचाना गया पूर्ण कंकाल मिला, तब तक उन्हें आधुनिक माना जाता था। वे उड़ सकते हैं, और उनमें से अधिकांश गूंजने/आवाज निकालने में सक्षम थे। लेकिन हम वास्तव में इस संक्रमण काल ​​के बारे में गैर-चमगादड़ से लेकर चमगादड़ो तक कुछ भी नहीं जानते हैं। हम वास्तव में यह भी नहीं जानते कि स्तनधारियों में उनके निकटतम जीवित रिश्तेदार कौन हैं। यह वास्तव में एक बड़ा विकासवादी रहस्य है कि चमगादड़ कहां से आए और वे कैसे विकसित हुए।

जुंगर बेसिन में कड़ी मेहनत से प्राचीन चमगादड़ के दांतों की खोज की गई, जहां केयू शोधकर्ताओं ने चीनी सहयोगियों द्वारा स्थापित एक अलग क्षेत्र स्थल पर काम किया, इन दो जगहों में से एक में टीम को उम्मीद है कि जीवाश्मों का निकलना जारी रहेगा।

शोधकर्ताओं ने बताया कि हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हम चीनी सहयोगियों के साथ लॉरेंस में लंबी शोध यात्राओं को जारी रखने में सक्षम रहे। जुंगर बेसिन में यह काम बहुत ही उल्लेखनीय रहा क्योंकि चीन के इस हिस्से में कई जीवाश्म उभर कर सामने आए हैं।

यह सिर्फ एक विशाल खाली जगह है। जहां कुछ ऊंट, कुछ सांप और छिपकलियां हैं, लेकिन आपको वहां ज्यादा लोग नहीं दिखते हैं। यह क्षेत्र में शोध का काम करना काफी कठिन और महंगा है क्योंकि आपको अपना सारा भोजन और पानी दूर से लाना पड़ता है।   

दांतों के सूक्ष्म विश्लेषण के माध्यम से, बायोस्ट्रेटिग्राफी या जीवाश्म अवशेषों की परतों की स्थिति का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ता ने इओसीन युग से पहले के नमूनों के समय के बारे में पता लगाने में सक्षम थे, चाहे धरती पर चमगादड़ के जीवाश्म कहीं भी पाए गए हो। वास्तव में, एशिया में इन प्राचीन चमगादड़ों के जीवाश्मों की उपस्थिति इस सिद्धांत को पुष्ट करती है कि चमगादड़ पहले उस स्थान से निकल सकते है, फिर बाद में जब उन्होंने उसकी उड़ान के बारे में पता लगाया।  

जोन्स और बियर्ड ने कहा कि हम पुराने नमूनों को खोजने के लिए आशान्वित थे, शायद यहां तक ​​कि पेलियोसीन युग, इओसीन युग से पहले के नमूने मिल सकते है। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि चमगादड़ शायद इन्हीं युगों में उत्पन्न हुए थे। फिर भी अल्टायनेक्टेरिस औरोरा के विवरण धुंधले हैं - उदाहरण के लिए, दांतों के टुकड़ों से यह कहना असंभव है कि क्या जानवर उड़ सकता है या आवाज कर सकता है।

जोन्स ने कहा, ये दांत मध्यवर्ती दिखते हैं, इस बीच में हम एक चमगादड़ के पूर्वजों की तरह दिखने की उम्मीद हैं। वास्तव में, शुरुआती सेनोजोइक कीटभक्षी स्तनधारी कैसे दिखते हैं- और असली चमगादड़ कैसा दिखता था। कुछ विशेषताएं हैं जो चमगादड़ की तरह हैं। यह शोध बायोलॉजी लेटर्स में प्रकाशित हुआ है।   

शोधकर्ताओं ने कहा कि नए जीवाश्म चमगादड़ के विकास को समझने में एक अंतर को पूरा करने में मदद करते हैं, जो विशेषज्ञों के लिए एक पहेली बना हुआ है - और हमें सामान्य रूप से स्तनधारियों के बारे में अधिक जानकारी के बारे में पता लग सकता है।

बियर्ड ने कहा कि मैं दो स्तनपायी समूहों के बारे में सोच सकता हूं जो आज जीवित हैं जो वास्तव में अजीब हैं। उनमें से एक चमगादड़ है, क्योंकि वे उड़ते हैं। दूसरी व्हेल है, क्योंकि वे पूरी तरह से समुद्री जीवन के लिए बनी हुई हैं, वे तैर सकते हैं, जाहिर है, वे आवाज कर सकते हैं। हम व्हेल के लिए माध्यमिक जीवाश्मों के बारे में बहुत कुछ जानते हैं।

पाकिस्तान जैसी जगहों से जीवाश्म मिले हैं जो चौपाया स्तनधारी थे, जो कुत्ते की तरह दिखते थे। हमारे पास इन चीजों को जोड़ने वाले जीवाश्मों का एक पूरा क्रम है जो स्पष्ट रूप से भूमि पर घूमने वाले स्थलीय जानवर थे। लगभग हर तरह के संक्रमणकालीन चरण के माध्यम से आप कल्पना कर सकते हैं। यह चमगादड़ों के लिए सही नहीं है, चमगादड़ एक सामान्य स्तनपायी है।