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समुद्र के स्तर में वृद्धि जारी रही तो 2050 तक मैंग्रोव वन गायब हो जाएंगे

दुनिया भर में खासकर फ्लोरिडा और अन्य गर्म जलवायु में पाए जाने वाले मैंग्रोव के पौधें और मूल्यवान तटीय पारिस्थितिकी तंत्र नहीं बच पाएंगे

By Dayanidhi

On: Friday 05 June 2020
 
Photo: Pixabay
Photo: Pixabay Photo: Pixabay

एक नए अध्ययन के अनुसार, दुनिया भर में खासकर फ्लोरिडा और अन्य गर्म जलवायु में पाए जाने वाले मैंग्रोव के पौधें और मूल्यवान तटीय पारिस्थितिकी तंत्र नहीं बच पाएंगे। यदि ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन में कमी नहीं हुई तो समुद्र के स्तर में वृद्धि होगी और 2050 तक ये पेड़ विलुप्त हो जाएंगे। रटगर्स यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया यह अध्ययन जर्नल साइंस में प्रकाशित हुआ है।

मैंग्रोव वन बड़ी मात्रा में कार्बन जमा करते है और समुद्री तटों की रक्षा करने में मदद करते हैं। मछली और अन्य प्रजातियों के लिए ये आवास प्रदान करते हैं। पिछले 10 हजार वर्षों के तलछट (सेडीमेंटके आंकड़ों का उपयोग करते हुए, ऑस्ट्रेलिया में मैक्वेरी विश्वविद्यालय के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने समुद्र-स्तर की वृद्धि की दर के आधार पर मैंग्रोव के जीवित रहने की संभावना का अनुमान लगाया है।

जब जल स्तर बढ़ने की दरें प्रति वर्ष 6 मिलीमीटर से अधिक होती हैं, तो 2050 में उच्च-उत्सर्जन परिदृश्यों के तहत अनुमानों के आधार पर, वैज्ञानिकों ने पाया कि मैंग्रोव का बढ़ते जल स्तर के साथ तालमेल रखने की संभावना बहुत कम है। समुद्र के स्तर में वृद्धि प्रति वर्ष 5 मिलीमीटर (लगभग 0.2 इंच) से कम होने पर मैंग्रोव के जीवित रहने की संभावना अधिक होती है। यह इस सदी में उत्सर्जन कम करने वाले परिदृश्यों के आधार पर अनुमानित है।

रटगर्स विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एरिका ऐश कहते है कि उच्च उत्सर्जन परिदृश्यों के तहत, कई उष्णकटिबंधीय समुद्र तटों पर समुद्र-स्तर की वृद्धि की दर प्रति वर्ष 7 मिलीमीटर से अधिक हो जाएगी। जिस दर पर हमने निष्कर्ष निकाला वह 6.2 प्रतिशत है, जहां मैंग्रोव के विकास को बनाए रखने की संभावना है। इन मैंग्रोव पारिस्थितिक तंत्र के नुकसान के परिणामस्वरूप वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड में वृद्धि होगी और लंबे समय में आने वाले तूफानों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

मैंग्रोव पेड़ों की लगभग 80 प्रजातियां हैं, जो उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगते हैं। राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन के अनुसार, मैंग्रोव के जंगल समुद्र के किनारों को स्थिर करते हैं, तूफानी लहरों, धाराओं, लहरों और ज्वार से कटाव को कम करते हैं। मैंग्रोव की जटिल जड़ प्रणाली मछलियों और अन्य जीवों के लिए आकर्षक बनाती है, जो शिकारियों से भोजन और आश्रय देते हैं।

अध्ययन में 78 स्थानों को शामिल किया गया और यह पता लगाया गया कि कैसे 10 हजार से अधिक साल पहले लगभग स्थिर परिस्थितियों में 4 हजार साल बाद मैंग्रोव ने समुद्र स्तर की वृद्धि की दर को 10 मिलीमीटर वार्षिक से धीमा कर दिया था। उस अवधि के दौरान मैंग्रोव जंगलों ने कार्बन के भंडारण कर ग्रीनहाउस गैस के स्तर को कम करने में योगदान दिया था।

निष्कर्ष तेजी से समुद्र के स्तर में वृद्धि के परिमाण को कम करने और तटीय अनुकूलन उपाय मैंग्रोव को तटीय तराई क्षेत्रों में फैलने में मदद कर सकते हैं।