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बांदा में लगा पानी पर पुलिस का पहरा

बांदा शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली केन नदी पर कुछ लोगों ने मेढ़ खड़ी कर दी तो वहां पुलिस तैनात करनी पड़ी, जो 24 घंटे निगरानी कर रही है

On: Wednesday 19 June 2019
 
केन नदी पर दूरबीन से पहरेदारी करता पुलिस कर्मी। फोटो: प्रियंका पांडे
केन नदी पर दूरबीन से पहरेदारी करता पुलिस कर्मी। फोटो: प्रियंका पांडे केन नदी पर दूरबीन से पहरेदारी करता पुलिस कर्मी। फोटो: प्रियंका पांडे

बांदा से प्रिंयका पांडे

बुंदेलखंड के बांदा शहर की जीवनदायिनी कही जाने वाली केन नदी पर इन दिनों पुलिस का पहरा है। यह पहरा पिछले एक माह से है। केन नदी के पानी को बचाने के लिए पुलिस यहां 24 घंटे निगरानी कर रही है। पुलिस की यहां पर 2 टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें नदी के दोनों पाटों पर तैनात होकर दूरबीन से कड़ी नजर बनाए हुए हैं। जिससे नदी में कोई अवरोध उत्पन्न ना हो सके।

वास्तव में यह पूरा मामला उस समय प्रकाश में आया, जब केन नदी में पानी कम होने के कारण धारा अपना रुख बदल लिया।  इसके चलते शहर में पानी की आपूर्ति पर असर पड़ने लगा। बांदा शहर की जलपूर्ति केन नदी के द्वारा ही होती है, लेकिन कुछ दिनों से केन नदी में पानी कम होने के चलते यहां पर बने ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी समुचित मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा था। जिसकी वजह से शहर में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई और लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे थे।

केन नदी पर तैनात पुलिस कर्मी। फोटो: प्रियंका पांडे

साथ ही, नदी में कई तरीके के अवरोध खड़े कर दिए गए थे। ये अवरोध नदी के किनारे कई जगह सब्जी उगाने वाले किसानों ने बनाए थे। साथ ही साथ खनन का कारोबार करने वाले खनन संचालकों ने भी नदी में अवरोध उत्पन्न कर दिए थे। जिस वजह से पानी ट्रीटमेंट प्लांट तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा था।

शहर में जब हालात बेकाबू होने लगे तो स्थानीय प्रशासन ने नदी में पानी की धारा को सही करने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार सब्जी किसान और खनन कारोबारी नदी को रोक देते थे। आखिरकार प्रशासन को यहां पुलिस तैनात करनी पड़ी। पुलिस ने वहां न केवल अवरोध हटाए, बल्कि वहां कुछ पुलिस कर्मचारियों की 24 घंटे की तैनाती कर दी गई।

जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार पाल ने बताया कि पानी में कुछ लोगों द्वारा मेढ़ बना कर अवरोध खड़ा कर दिया गया था, जिस वजह से जलधारा प्रभावित हुई थी, जिसके चलते पानी की समस्या खड़ी हो गई थी। पुलिस प्रशासन ने अवरोध खड़े करने वालों को वहां से हटवाया दिया है और नदी की निगरानी के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं जो दिन रात नदी की निगरानी कर रहे हैं।