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क्या बारिश की बूंदों में छुपा है जल संकट का समाधान?

क्या अपने पुरखों के दिया ज्ञान और विरासत की मदद से हम कर सकते हैं बढ़ते जल संकट का सामना  

By Lalit Maurya

On: Monday 05 April 2021
 

देश में पानी की समस्या आज किसी से छुपी नहीं है। जिस तरह से भूजल का स्तर गिरता जा रहा है, वो अपने आप में ही एक बड़ी चुनौती है। यदि इकोलॉजिकल थ्रेट रजिस्टर 2020 के आंकड़ों पर देखें तो देश में करीब 60 करोड़ लोग आज पानी की जबरदस्त किल्लत का सामना कर रहे हैं। जोकि भविष्य में 140 करोड़ पर पहुंच जाएगा। 

ऐसे में क्या है इस समस्या का समाधान, क्या अपने पुरखों की तरह बारिश की बूंदों को संजो कर हम भी इस समस्या का सामना कर सकते हैं। आइए जानते हैं वर्षा जल संचयन से जुड़े कुछ बुनियादी प्रश्नो के उत्तर जो हर आम आदमी के जेहन में उठते हैं। 

क्या होता है वर्षा जल संचयन?

इसका सीधा सा मतलब है कि बारिश के रूप में गिरती पानी की बूंदों को संजोना और उसे जरुरत पड़ने पर उपयोग करना। आप इन बूंदों को अपने घर में ही टैंकों में संचय कर सकते हैं या फिर भूजल को रिचार्ज करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। 

क्या जल संकट से निपटने में कारगर है बारिश की बूंदों को संजोना?

बिलकुल, हमारे पूर्वज सदियों से इस तकनीक का उपयोग करते आए हैं। जिस तरह खेत में फसलों को उगाया जाता है वो उसी तरह इन बूंदों को भी संजोते थे, जो उनके मुश्किल वक्त में काम आती थी। लेकिन दुखद है कि हमने सदियों पुराने उस ज्ञान को संजोना छोड़ दिया है। जिससे वो तकनीकें कहीं गुम सी होती जा रही हैं। पर अब जिस तरह से हमारे नल सूखते जा रहे हैं और पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। एक बार हम फिर अपनी उन सदियों पुरानी धरोहर को जिन्दा करने में लगे हैं। 

क्या मैं अपने घर पर ही कर सकता हूं वर्षा जल संचयन?

जी हां, आप कर सकते हैं। बारिश की बूंदों को संजोने के लिए बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है। आप इस पानी को एक सूखे बोरवेल, सोख गड्ढों या एक टैंक या फिर जमीन के अंदर भी इकठ्ठा कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ खुले स्थान जैसे छत और जमीन पर गिरने वाली बूंदों को उन स्रोतों तक पहुंचाना हैं जहां आप इन्हें संजोना चाहते हैं।  

कितना खर्च आएगा इसपर?

वर्षा जल संचयन पर कितना खर्च आएगा यह आपकी छत और उन अन्य संरचनाओं के क्षेत्र पर निर्भर करता है, जिसका उपयोग आप वर्षा जल संचयन के लिए करेंगें। इतना जरूर है कि इसके लिए किस बड़े निर्माण कार्य की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए उस खर्च को आसानी से वहन किया जा सकता है। 

कौन करेगा इसका निर्माण और इसमें कितना समय लगेगा? 

यह सरल है, लेकिन इसके लिए आपको किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता है जो वर्षा जल संचयन को समझता हो। साथ ही जिसे वर्षा जल संचयन के सिद्धांतों के बारे में अनुभव हो। फिर एक कुशल राजमिस्त्री या प्लम्बर की मदद से इस काम को 10 दिनों में पूरा किया जा सकता है। 

किसको होगा इससे फायदा?

इसका सबसे ज्यादा फायदा आपको होगा। इससे आपके घर के आसपास भूजल रिचार्ज हो जाएगा। साथ ही इससे आपके आसपड़ोस के लोगों को भी फायदा पहुंचेगा। बेहतर परिणामों के लिए न केवल आप इसे अपनाएं, साथ ही अपने पास पड़ोस के लोगों को भी करने के लिए तैयार करें जिसे गिरते भूजल के स्तर में सुधार लाया जा सके। 

ऐसे पानी की गुणवत्ता क्या होगी?

चूंकि आप बारिश के पानी को जमीन में डाल रहे हैं, ऐसे में एक बार दूषित होने के बाद इसे आसानी से साफ नहीं किया जा सकता। ऐसे में अपने रिचार्ज गड्ढों में सीवेज या अन्य गंदगी प्रवाहित न होने दें। इसके कारण छतों से संचय किया गया साफ बारिश का पानी भी गन्दा हो सकता है। गंदगी को साफ करने के लिए फिल्टर की मदद भी ली जा सकती है। 

क्या इसके लिए बहुत ज्यादा रखरखाव की आवश्यकता है?

नहीं इसके लिए बहुत ज्यादा रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती है। बस साल में एक या दो बार इसे करना होता है जिसपर बहुत कम लागत आती है। इसके लिए आपकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। पानी हर किसी की जरुरत है। यही वजह है कि इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए। पानी के मूल्य को समझे इसे बर्बाद न जाने दें साथ ही बारिश की हर गिरती बून्द को संजोने की कोशिश करें। न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि अपने बेहतर कल के लिए भी इसे आज से ही संजोना शुरू करें।