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शुगर सिरप निर्यात करने वाली चीन की कंपनी के झूठ का सीएसई ने दिया जवाब

चायनीज कंपनी वुहु डेली फूड्स के साथ हुई सीएसई की बातचीत ये साबित करती है कि उसे शहद में मिलावट के धंधे के बारे में पूरी जानकारी थी

By DTE Staff

On: Wednesday 09 December 2020
 
CSE gives FSSAI information about its probe into honey adulteration. Photo: Pixabay

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने 8 दिसंबर 2020 को शहद में मिलावट की जांच-पड़ताल वाली अपनी रिपोर्ट पर चीन की कंपनी वुहु डेली फूड्स की आलोचना का खंडन किया है और भारत में शुगर (चीनी) सिरप बेचने में चीनी कंपनियों की भूमिका भी स्पष्ट की है। 

चीन के अन्हुई प्रांत में स्थित वुहु डेली फूड्स ने #मिलावटी_शहद की पड़ताल के खिलाफ 7 दिसंबर को अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी किया था। यह जवाब कंपनी ने सीएसई को भी भेजा। यह कंपनी उन कंपनियों में शामिल हैं, जिनसे सीएसई के जांचकर्ताओं ने नकली शहद व्यापारी बनकर बात की थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या चीन के शुगर सिरप और राइस सिरप को भारत लाया जा सकता है और भारतीय शहद में मिलाया जा सकता है, और क्या चीनी की मिलावट वाला यह शहद भारतीय जांच मानकों पर खरा उतरता है। 

वुहु डेली ने अपने सार्वजनिक बयान में सिरे से नकार दिया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि सीएसई के जांचकर्ताओं ने उनसे शुगर सिरप इसलिए लिया है कि इसे शहद में मिलाया जा सके और शहद की शुद्धता की जांच में यह न आ पाए। बयान के मुताबिक कंपनी को सिर्फ यह पता था कि यह सौदा सिर्फ शुगर सिरप का है, शहद से इसके संबंध की कंपनी को जानकारी नहीं थी।

सीएसई ने कहा है कि पड़ताल करने वाले लोगों ने वुहु डेली से लिखित में संपर्क करते हुए ऐसे सिरप के बारे में पूछा जो भारतीय खाद्य एवं सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा तय किए गए शहद के मानकों को बाईपास कर जाए। "हमने साफ तौर पर लिखित में ऐसे सिरप के बारे में पूछताछ की थी जो एसएमआर, टीएमआर और फॉरेन ओलिगोसैकराइड्स के टेस्ट सहित सी3, सी4 जांच में पास हो जाएं।" 

सीएसई के शोधकर्ताओं ने जांच के जिन मापदंडों का जिक्र वुहु डेली को लिखे ईमेल में किया है, वह खासतौर से भारत में शहद की शुद्धता को जांचने में काम आते हैं- न कि शुगर सिरप या राइस सिरप की जांच करने में  (जैसा वुहु डेली की दलील है कि उसे लगा शुगर सिरप की बात हो रही है।) 

असलियत में, वुहु डेली ने सीएसई को जो जवाब भेजा उसमें साफ लिखा है कि उसका अधिक फ्रुक्टोज वाला सिरप इन सभी जांचों में पास हो जाएगा। इतना ही नहीं, कंपनी ने भारत में शहद की शुद्धता की जांच के सभी मानकों पर खरे उतरने वाले इस सिरप के 10 कंटेनर लोड (200 टन) का दाम भी बताया। 

यह बात जगजाहिर है कि चीन की कंपनियों को शुगर सिरप बनाने में महारत हासिल है, जिसे जब शहद में मिलाया जाए तो वह भारतीय जांच के मानकों पर खरी उतरती है। अलीबाबा जैसे ऑनलाइन मार्केट में ऐसे कई व्यापारी मौजूद हैं जो इस सिरप का प्रचार करते हैं। वुहु डेली ऐसी ही एक कंपनी है और इसे अलीबाबा की तरफ से 'गोल्ड सप्लायर' की रेटिंग मिली है।

सीएसई के मुताबिक: "यह तथ्य है कि वुहु डेली ने हमें ऐसे सैंपल का शिपमेंट भेजा, जिसमें ऐसा सिरप मौजूद था, जिससे शहद की जांच के भारतीय मानकों को बाईपास किया जा सके। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि, क्योंकि सीएसई खाद्य सामग्रियों का आयातक नहीं है, इसलिए उसके पास खाद्य पदार्थों के आयात की क्लीयरेंस नहीं है और इसके चलते वुहु डेली से आए शिपमेंट को वापस लौटाना पड़ा। अगर हमें यह शिपमेंट मिल जाता है तो हमें वुहु डेली के शुगर सिरप सैंपल्स की जांच करके खुशी मिलती।"